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मेरे प्रिय कवि लेखक, तुलसीदास

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  मेरे प्रिय कवि लेखक, तुलसीदास  : निबंध  मेरे प्रिय कवि : तुलसीदास नामक निबंध के निबंध लेखन से अन्य संबंधित शीर्षक अर्थात मेरे प्रिय कवि तुलसीदास से मिलता जुलता हुआ ,कोई भी शीर्षक  आपकी परीक्षा में पूछा जा सकता है ।इसी प्रकार से निबंध भी लिखा जाएगा तुलसीदास से मिलते जुलते शीर्षक किस प्रकार है ।  • गोस्वामी तुलसीदास   • लोकनायक तुलसीदास   • अपना प्रिय कवि   • रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास   • अमर कवि तुलसीदास  मेरे प्रिय कवि : तुलसीदास  हिंदी साहित्य कोश में अनेक जगमगाते हुए नक्षत्र में से गोस्वामी तुलसीदास जी की चमक सबसे निराली है ।भक्ति काल से इस माहाकवि ने अपनी कालजियो कृतियों में से जो अमर ख्याति प्राप्त की है ,वह बहुत कम ही कवि प्राप्त कर पाते हैं। तुलसीदास जी मेरे प्रिय कवि इसलिए है, क्योंकि उन्होंने अपने काव्य के माध्यम से जो उपदेश दिए हैं, वे लोग मंगल का विधान करने वाले हैं । जीवन परिचय :  गोस्वामी तुलसीदास का जन्मस्थान विवादित है। अधिकांश विद्वानों व राजकीय साक्ष्यों के अनुसार इनका जन्म  जनपद...

भाषा लिपि और व्याकरण Bhasha Lipi aur vyakaran

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भाषा लिपि और व्याकरण (Bhasha ,Lipi aur vyakaran भाषा (language ) मनुष्य एक समाज में रहने वाला प्राणी है। वह अपने भावों ,विचारों इत्यादि को बोलकर ही प्रकट करता है।   भाषा को ध्वनि संकेत की व्यवस्था माना जाता है यह मनुष्य के मुख से निकलती हुई अभिव्यक्ति होती है। इसे विचारों के आदान-प्रदान का एक साधन माना जाता है। इसके शब्द पर्याय रूढ होते हैं ।संस्कृत भाषा को हिंदी भाषा की जननी माना जाता है। भाषा का लिखित रूप आज भी संस्कृत भाषा में माना जाता है, लेकिन मौखिक रूप मुख से घिस - घिस कर अपना स्वरूप खो चुके हैं। आज हमने तद्भव रूप में जानते हैं। हिंदी भाषा को अपने  अस्तित्व में आने के लिए बहुत समय लग गया पहले संस्कृत से पाली, पाली से प्राकृतिक, प्रकृति से अपभ्रंश ,तब अपभ्रंश से हिंदी भाषा का विकास हुआ । भाषा की परिभाषा definition of language  भाषा शब्द को संस्कृत की भाष धातु से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है बोलना ।  हमारे भाव और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए रूढ अर्थों में जो ध्वनि संकेत की व्यवस्था प्रयोग में लाई जाती है ,उसे भाषा कहा जाता है । दूसरे शब्दों में भाषा वह साधन...

वाक्य भेद परिभाषा उदाहरण Vakya Bhed

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  वाक्य : वह शब्द समूह जिससे पूरी बात समझ में आ जाए," वाक्य" कहलाता है ।विचारों को पूर्णता प्रकट करने वाली एक क्रिया से युक्त पद समूह को "वाक्य" कहा जाता है । जिस वाक्ता लेाखक का पूर्ण  अभिप्राय श्रोता या पाठक को समझ में आ जाए ,उसे वाक्य कहा जाता है। मनुष्य अपने भावों को वाक्य में ही व्यक्त करता है। वाक्य सार्थक शब्द से व्यवस्थित और  क्रमबद्ध समूह से ही बनते हैं, जो किसी विचार  को पूर्ण रूप से प्रकट करते हैं । दूसरे शब्दों में ऐसा शब्द समूह जो अपना अर्थ स्पष्ट  कर दे "वाक्य"कहलाता है।वाक्य भाषा की एक संपूर्ण इकाई होती है । कर्ता और क्रिया वाक्य के अनिवार्य अंग है ।इनके बिना वाक्य नहीं बनते ।वाक्य में और भी अनेक तत्व होते हैं, किंतु वाक्य की रचना के लिए इन दो तत्वों का होना अनिवार्य है । वाक्य के दो भाग हैं : १. उद्देश्य  २. विधेय उद्देश्य : वाक्य का वह भाग जिसमें किसी व्यक्ति या वस्तु के बारे में कुछ कहा जाए ,उसे उद्देश्य वाक्य कहते हैं । • पूनम किताब पढ़ रही है । • सचिन दौड़ता है । • राम फल खाता है । (इन वाक्यों में पूनम ,सचिन और राम के विषय में ...

शब्द विचार ,परिभाषा वर्गीकरण व भेद तथा उदाहरण (Shabd Vichar )

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शब्द विचार :  जैसा कि हम जानते हैं ; कि किसी भी भाषा को जानने समझने से पहले हमें उसे भाषा की व्याकरण को समझना पड़ता है। हिंदी व्याकरण में शब्द विचार बेहद महत्वपूर्ण है। "दो या दो से अधिक वर्णों के मेल को शब्द कहते हैं "जिसका कोई ना कोई अर्थ अवश्य निकलता है ।ध्वनि के मेल से बने सार्थक वर्ण समुदाय को शब्द कहते हैं ।वर्णों या ध्वनियों के सार्थक मेल को शब्द कहा जाता है ।आईए शब्द विचार के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें । शब्दों की पूर्ण जानकारी और उसे शब्द का पूर्ण ज्ञान होना शब्द विचार कहलाता है ।शब्द विचार हिंदी व्याकरण का दूसरा भाग है, इसके अंतर्गत ध्वनि के मेल से बने सार्थक वर्ण समूह जैसे भेड़ अप भेद संधि विच्छेद इत्यादि को पढ़ा जाता है । शब्द विचार( Shabd Vichar )के अंतर्गत शब्द की परिभाषा भेद उपवेद संधि विच्छेद रूपांतरण निर्माण इत्यादि से संबंधित नियमों पर विचार किया जाता है । शब्द की परिभाषा : वर्णो या अक्षरों से बना ऐसा स्वतंत्र समूह जिसका कोई अर्थ हो वह समूह ही शब्द कहलाता है । जैसे : लड़का, गाय, कलम,पुष्प ,मोर  वर्णों का यह मेल सार्थक है, जिसका कोई अर्थ निकलता है ...