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दिसंबर, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भाषा लिपि और व्याकरण Bhasha Lipi aur vyakaran

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भाषा लिपि और व्याकरण (Bhasha ,Lipi aur vyakaran भाषा (language ) मनुष्य एक समाज में रहने वाला प्राणी है। वह अपने भावों ,विचारों इत्यादि को बोलकर ही प्रकट करता है।   भाषा को ध्वनि संकेत की व्यवस्था माना जाता है यह मनुष्य के मुख से निकलती हुई अभिव्यक्ति होती है। इसे विचारों के आदान-प्रदान का एक साधन माना जाता है। इसके शब्द पर्याय रूढ होते हैं ।संस्कृत भाषा को हिंदी भाषा की जननी माना जाता है। भाषा का लिखित रूप आज भी संस्कृत भाषा में माना जाता है, लेकिन मौखिक रूप मुख से घिस - घिस कर अपना स्वरूप खो चुके हैं। आज हमने तद्भव रूप में जानते हैं। हिंदी भाषा को अपने  अस्तित्व में आने के लिए बहुत समय लग गया पहले संस्कृत से पाली, पाली से प्राकृतिक, प्रकृति से अपभ्रंश ,तब अपभ्रंश से हिंदी भाषा का विकास हुआ । भाषा की परिभाषा definition of language  भाषा शब्द को संस्कृत की भाष धातु से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है बोलना ।  हमारे भाव और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए रूढ अर्थों में जो ध्वनि संकेत की व्यवस्था प्रयोग में लाई जाती है ,उसे भाषा कहा जाता है । दूसरे शब्दों में भाषा वह साधन...

वाक्य भेद परिभाषा उदाहरण Vakya Bhed

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  वाक्य : वह शब्द समूह जिससे पूरी बात समझ में आ जाए," वाक्य" कहलाता है ।विचारों को पूर्णता प्रकट करने वाली एक क्रिया से युक्त पद समूह को "वाक्य" कहा जाता है । जिस वाक्ता लेाखक का पूर्ण  अभिप्राय श्रोता या पाठक को समझ में आ जाए ,उसे वाक्य कहा जाता है। मनुष्य अपने भावों को वाक्य में ही व्यक्त करता है। वाक्य सार्थक शब्द से व्यवस्थित और  क्रमबद्ध समूह से ही बनते हैं, जो किसी विचार  को पूर्ण रूप से प्रकट करते हैं । दूसरे शब्दों में ऐसा शब्द समूह जो अपना अर्थ स्पष्ट  कर दे "वाक्य"कहलाता है।वाक्य भाषा की एक संपूर्ण इकाई होती है । कर्ता और क्रिया वाक्य के अनिवार्य अंग है ।इनके बिना वाक्य नहीं बनते ।वाक्य में और भी अनेक तत्व होते हैं, किंतु वाक्य की रचना के लिए इन दो तत्वों का होना अनिवार्य है । वाक्य के दो भाग हैं : १. उद्देश्य  २. विधेय उद्देश्य : वाक्य का वह भाग जिसमें किसी व्यक्ति या वस्तु के बारे में कुछ कहा जाए ,उसे उद्देश्य वाक्य कहते हैं । • पूनम किताब पढ़ रही है । • सचिन दौड़ता है । • राम फल खाता है । (इन वाक्यों में पूनम ,सचिन और राम के विषय में ...

शब्द विचार ,परिभाषा वर्गीकरण व भेद तथा उदाहरण (Shabd Vichar )

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शब्द विचार :  जैसा कि हम जानते हैं ; कि किसी भी भाषा को जानने समझने से पहले हमें उसे भाषा की व्याकरण को समझना पड़ता है। हिंदी व्याकरण में शब्द विचार बेहद महत्वपूर्ण है। "दो या दो से अधिक वर्णों के मेल को शब्द कहते हैं "जिसका कोई ना कोई अर्थ अवश्य निकलता है ।ध्वनि के मेल से बने सार्थक वर्ण समुदाय को शब्द कहते हैं ।वर्णों या ध्वनियों के सार्थक मेल को शब्द कहा जाता है ।आईए शब्द विचार के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त करें । शब्दों की पूर्ण जानकारी और उसे शब्द का पूर्ण ज्ञान होना शब्द विचार कहलाता है ।शब्द विचार हिंदी व्याकरण का दूसरा भाग है, इसके अंतर्गत ध्वनि के मेल से बने सार्थक वर्ण समूह जैसे भेड़ अप भेद संधि विच्छेद इत्यादि को पढ़ा जाता है । शब्द विचार( Shabd Vichar )के अंतर्गत शब्द की परिभाषा भेद उपवेद संधि विच्छेद रूपांतरण निर्माण इत्यादि से संबंधित नियमों पर विचार किया जाता है । शब्द की परिभाषा : वर्णो या अक्षरों से बना ऐसा स्वतंत्र समूह जिसका कोई अर्थ हो वह समूह ही शब्द कहलाता है । जैसे : लड़का, गाय, कलम,पुष्प ,मोर  वर्णों का यह मेल सार्थक है, जिसका कोई अर्थ निकलता है ...

वाच्य (Voice) ,वाच्य परिभाषा भेद एवं उदाहरण

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वाच्य परिभाषा भेद एवं उदाहरण वाच्य परिवर्तन : वाच्य क्रिया के उसे परिवर्तन को कहते हैं; जिसके द्वारा इस बात का पता चलता है; कि वाच्य में  कर्ता, कर्म  या भाव  इनमें से किसकी प्रधानता है। इसमें यह स्पष्ट होता है, कि वाक्य में इस्तेमाल लिंग ,वचन या पुरुष  कर्ता, कर्म  या भाव में से किसके अनुसार है। आईए वाच्य  के बारे में और विस्तार से जाने । वाच्य का शाब्दिक अर्थ है = "बोलने का विषय " वाच्य की परिभाषा :  क्रिया के जिस रूप से यह जाना जाए की क्रिया द्वारा किए गए विधान या कहीं गई बात का विषय,  कर्म या भाव है उसे वाच्य (Vachya )कहा जाता है । दूसरे शब्दों में वाक्य में क्रिया का प्रमुख मुख्य संबंध  कर्ता, कर्म या भाव से है वह वाचय  (Vachya )कहलाता है । जैसे :  • मां ने खाना बनाया ।  • मां के द्वारा खाना बनाया गया । यद्यपि दोनों वाक्य का अर्थ सामान्य तो लग रहा है ,किंतु दोनों के अर्थ में परिवर्तन है ।दोनों वाक्य की संरचना भी अलग है। इसमें  कर्ता द्वारा मां के कार्य खाना बनाने को प्रधानता दी गई है । वाक्य १ :  कर्ता क्रिया को ...

पद बंद padabandh in Hindi

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पदबंध परिभाषा भेद और उदाहरण (padabandh definition types and examples ) पद का अर्थ : • वाक्य से अलग रहने पर शब्द और वाक्य में प्रयुक्त हो जाने पर शब्द "पद "कहलाता है । • दूसरे श्बदों में शब्द विभक्ति सहित और पद विभक्ति रहित होते हैं । पदबंद :  • जब दो या दो से अधिक (शब्द)पद  नियत क्रम  और निश्चित अर्थ में किसी पद का कार्य करते हैं तो उन्हें पदबंद कहा जाता है  । • दूसरे शब्दों में कई पदों के योग से बने वाक्यांश को जो केवल एक ही पद का काम करता है ,उसे पद बंद कहा जाता है । • डीआर हरदेव बाहरी के अनुसार - वाक्य के उस भाग को जिसमें एक से अधिक पद परस्पर सम्मिलित होकर अर्थ तो देते हैं; किंतु पूरा अर्थ नहीं देते उन्हें पदबंध कहा जाता है । जैसे :  • सबसे तेज दौड़ने वाला छात्र जीत गया । • वह लड़की अत्यंत सुशील और परिश्रमी है । • पानी बहता चला जा रहा है । • यह नदी कल कल करती हुई बह रही है । पहले वाक्य में "सबसे तेज दौड़ने वाला छात्र" पाँच पद  है ;किंतु वे पांचो मिलकर एक साथ एक ही पद का कार्य कर रहे हैं अर्थात संज्ञा का कार्य कर रहे हैं। दूसरे वाक्य" अत्यंत सुशील और परिश...