पद बंद padabandh in Hindi
पदबंध परिभाषा भेद और उदाहरण (padabandh definition types and examples )
पद का अर्थ :
• वाक्य से अलग रहने पर शब्द और वाक्य में प्रयुक्त हो जाने पर शब्द "पद "कहलाता है ।
• दूसरे श्बदों में शब्द विभक्ति सहित और पद विभक्ति रहित होते हैं ।
पदबंद :
• जब दो या दो से अधिक (शब्द)पद नियत क्रम और निश्चित अर्थ में किसी पद का कार्य करते हैं तो उन्हें पदबंद कहा जाता है ।
• दूसरे शब्दों में कई पदों के योग से बने वाक्यांश को जो केवल एक ही पद का काम करता है ,उसे पद बंद कहा जाता है ।
• डीआर हरदेव बाहरी के अनुसार - वाक्य के उस भाग को जिसमें एक से अधिक पद परस्पर सम्मिलित होकर अर्थ तो देते हैं; किंतु पूरा अर्थ नहीं देते उन्हें पदबंध कहा जाता है ।
जैसे :
• सबसे तेज दौड़ने वाला छात्र जीत गया ।
• वह लड़की अत्यंत सुशील और परिश्रमी है ।
• पानी बहता चला जा रहा है ।
• यह नदी कल कल करती हुई बह रही है ।
पहले वाक्य में "सबसे तेज दौड़ने वाला छात्र" पाँच पद है ;किंतु वे पांचो मिलकर एक साथ एक ही पद का कार्य कर रहे हैं अर्थात संज्ञा का कार्य कर रहे हैं। दूसरे वाक्य" अत्यंत सुशील और परिश्रमी" में भी चार पद है; किंतु वे चारों मिलकर एक ही पद अर्थात विशेषण का कार्य कर रहे हैं। तीसरे वाक्य में "बेहता चला जा रहा है" में पाँच पद है ;किंतु वह एक ही वाक्य में क्रिया का कार्य कर रही है। चौथे वाक्य में "कल कल करती "में तीन पद है ;किंतु वह एक ही क्रिया विशेषण का कार्य कर रहे हैं ।
इस प्रकार रचना की दृष्टि से पदबंध में तीनों बातें आवश्यक है :
• इसमें एक से अधिक पद होते हैं ।
• पद इस प्रकार संबंध होते हैं कि उनकी एक इकाई बन जाए ।
• पदबंद एक वाक्य का अंश होते हैं ।
( इनका मुख्य कार्य वाक्य को स्पष्ट ,सार्थक व प्रभावकारी बनाना है । शब्द लाघव के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है । अत्यधिक समास कहावत और मुहावरों में ।यह पदबंध पूरे वाक्य नहीं होते अभी तो वाक्य के टुकड़े होते हैं ।परंतु निश्चित अर्थ और क्रम से परिचायक होते हैं । हिंदी व्याकरण में इन पर अभी स्वतंत्र अध्ययन नहीं हुआ है । इन्हें अंग्रेजी में phrase कहा जाता है ।)
पदबंध के भेद :
१ •संज्ञा पद बंद
२ • विशेषण पदबंध
३ • सर्वनाम पदबंध
४ • क्रिया पदबंद
५ • क्रिया विशेषण पदबंध
संज्ञा पदबंध :जब किसी वाक्य में पद समूह या पद बंद संज्ञा का भाव नियत क्रम और निश्चित अर्थ में प्रकट करें तब वे संज्ञा पदबंद कहलाते हैं ।
दूसरे शब्दों में पदबंध का अंतिम अथवा शीर्ष शब्द यदि संज्ञा हो और अन्य सभी पद इस पर आश्रित हूं तो वह संज्ञा पद बंद कहलाता है ।
जैसे :
• चार ताकतवर मजदूर इस भारी चीज को उठा पाए ।
• राजा राम ने लंका के राजा रावण को मार गिराया ।
• अयोध्या के राजा दशरथ के चार पुत्र थे ।
• आसमान में उड़ता गुब्बारा फट गया ।
विशेषण पदबंध :
जब किसी वाक्य में पदबंद किसी संज्ञा की विशेषता नियत क्रम और निश्चित अर्थ बताए तब वह है विशेषण पदबंध कहलाता है ।
दूसरे शब्दों में पदबंध का शीर्ष अथवा अंतिम शब्द यदि विशेषण हो और अन्य सभी शब्द उसे पर आश्रित हो तो वह विशेषण पदबंध कहलाता है ।
जैसे :
• तेज चलने वाली गाड़ी पर्याय देर से पहुंचती है ।
• उसे घर के कोने में बैठा हुआ आदमी जासूस है ।
• उसका घोड़ा अत्यंत सुंदर व फुर्तीला है ।
• बरगद की छांव में अत्यंत सुख मिला ।
सर्वनाम पदबंध :
वह पदबंध जो वाक्य में सर्वनाम का कार्य करें उन्हें सर्वनाम पदबंध कहा जाता है ।दूसरे शब्दों में जब कई पद मिलकर सर्वनाम का कार्य करें तो उसे सर्वनाम पदबंध कहा जाता है ।
जैसे
• बिजली सी फुर्ती दिखाकर उसने अपने बालक को डूबने से बचा लिया ।
• शरारत करने वाले छात्रों में से कुछ पकड़े गए ।
• विरोध करने वाले लोगों में से कोई नहीं बोला ।
क्रिया पदबंद :
दूसरे शब्दों में जब कई क्रियाएं मिलकर एक क्रियापद बंद का कार्य करें तो उसे क्रिया पदबंद कहा जाता है।
जैसे :
• वह बाजार की ओर आया होगा ।
• मुझे मोहन छत से दिखाई दे रहा है ।
• रोहन नदी में डूब गया ।
• अब दरवाजा खोला जा सकता है ।
क्रिया विशेषण पदबंध या अव्यय पदबंद :
यह पदबंध क्रिया का मूलत: विशेषण रूप होने के कारण प्रिया: क्रिया से पहले आता है ।इसमें क्रिया विशेषण मूलतः शीर्ष स्थान पर होता है ,तथा अन्य पद उसे पर आश्रित होते हैं ।इन्हें अव्यय पदबंध भी कहा जाता है । यह पदबंध वाक्य में अव्यय का कार्य भी करते हैं । इस पदबंध प्रयुक्त वाक्य में अंतिम शब्द अव्यय होता है ।
जैसे :
• अपने सामान के साथ वह चला गया ।
• सुबह से शाम तक वह बैठा रहा ।
• मैंने राम की आधी रात तक प्रतीक्षा की ।
• उसने सांप को पीट-पीट कर मार डाला ।
पदबंध और उपवाक्य में अंतर
उपवाक्य भी पदबंध की तरह पदों का समूह है लेकिन केवल आंशिक भाव ही प्रकट होता है पूरा नहीं ।
पदबंध में क्रिया नहीं होती उपवाक्य में क्रिया होती है ।
जैसे
"ज्यों ही वह आया त्यों ही मैं चला गया ।"
(यहां" जियोंही वह आया" एक उपवाक्य है जिससे पूर्ण अर्थ का ज्ञान नहीं होता ।)
संज्ञा पदबंध और विशेषण पदबंध में अंतर
संज्ञा पदबंध में संज्ञा से पहले आने वाले पदबंध प्राय: विशेषण पद बंद होते हैं इसलिए यदि उन विशेषण पाड़बंधों को संज्ञा के साथ मिलकर लिखा जाए तो वे संज्ञा पद बंद और संज्ञा से अलग लिखा जाए तो वे विशेषण पदबंध कहलाते हैं
जैसे
बेकार बैठने वाले लोग जीवन में कभी सफल नहीं होते
(इसमें बेकार बैठने वाले लोग संज्ञा पद बंद है ,जबकि बेकार बैठने वाले विशेषण पदबंध है ।)
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