भाषा लिपि और व्याकरण Bhasha Lipi aur vyakaran
भाषा लिपि और व्याकरण (Bhasha ,Lipi aur vyakaran भाषा (language ) मनुष्य एक समाज में रहने वाला प्राणी है। वह अपने भावों ,विचारों इत्यादि को बोलकर ही प्रकट करता है। भाषा को ध्वनि संकेत की व्यवस्था माना जाता है यह मनुष्य के मुख से निकलती हुई अभिव्यक्ति होती है। इसे विचारों के आदान-प्रदान का एक साधन माना जाता है। इसके शब्द पर्याय रूढ होते हैं ।संस्कृत भाषा को हिंदी भाषा की जननी माना जाता है। भाषा का लिखित रूप आज भी संस्कृत भाषा में माना जाता है, लेकिन मौखिक रूप मुख से घिस - घिस कर अपना स्वरूप खो चुके हैं। आज हमने तद्भव रूप में जानते हैं। हिंदी भाषा को अपने अस्तित्व में आने के लिए बहुत समय लग गया पहले संस्कृत से पाली, पाली से प्राकृतिक, प्रकृति से अपभ्रंश ,तब अपभ्रंश से हिंदी भाषा का विकास हुआ । भाषा की परिभाषा definition of language भाषा शब्द को संस्कृत की भाष धातु से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है बोलना । हमारे भाव और विचारों की अभिव्यक्ति के लिए रूढ अर्थों में जो ध्वनि संकेत की व्यवस्था प्रयोग में लाई जाती है ,उसे भाषा कहा जाता है । दूसरे शब्दों में भाषा वह साधन...