Sangya in Hindi

   

   *परिभाषा 

   *उदाहरण 

   *संज्ञा के पांच भेद और उनके उदाहरण 

   *संज्ञा की पहचान और उनके उदाहरण 

   *कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स 

   *5 प्रश्न अभ्यास के लिए 


 संज्ञा का शाब्दिक अर्थ है  : "नाम"

  परिभाषा    किसी भी व्यक्ति, गुण, प्राणी, जाती ,स्थान,  वस्तु , क्रिया, व भाव, इत्यादि काे नाम का       बोध कराने  वाले शब्द को" संज्ञा "कहा जाता  है ।

  उदाहरण 

  "रमेश परीक्षा में प्रथम आया, इसीलिए वह                दौड़ता  हुआ स्कूल से घर आया। उसने यह                बात अपने माता-पिता को बताई ,यह बात                सुनकर वह बहुत  आनंदित हुए! और                        उन्होंने रमेश को गले से लगा लिया ।"

     रमेश, माता-पिता =व्यक्ति

     स्कूल ,घर = स्थान 

     खुश, आनंदित =भाव 

     गले लगाया ,सुन= क्रिया 

  संज्ञा के भेद :

   संज्ञा के पांच भेद होते हैं :

          १. जातिवाचक संज्ञा 

          २.भाववाचक संज्ञा 

          ३.व्यक्तिवाचक संज्ञा 

          ४.समूहवाचक संज्ञा 

          ५.द्रव्य वाचक संज्ञा



 जातिवाचक संज्ञाजिन शब्दों से "एक ही    जाति"  के अनेक, प्राणी ,वस्तु का बोध हो उसे "जातिवाचक संज्ञा" कहा जाता है ।

                         अर्थात 

 जिन शब्दों से किसी "जाति "का संपूर्ण दिशा या उसकी पूरी श्रेणी और पूरे वर्ग का ज्ञान  होता है उसे     जातिवाचक संज्ञा कहा  जाता है ।

 मोटरसाइकिल ,कार, लड़का, लड़की  , घोड़ा 

  जैसे :" लड़का "कहने पर सभी लड़कों का                          बोध हो रहा  है ।

           "मनुष्य "कहने पर सभी मनुष्य जाति                        का बोध  हो रहा है ।

 उदाहरण :  

        १".बच्चे खिलौनों" से खेल रहे हैं ।

        २."पेड़" पर "पक्षी "बैठे हैं ।

         ३."हिरण" का शिकार" शेर "करता है ।

         ४."गाड़ियां "सड़क पर चलती हैं   ।

          

 द्रव्य वाचक संज्ञा  =  जो संज्ञा शब्द किसी द्रव्य पदार्थ या धातु का बोध कराते हैं उन्हें  द्रव्य                 वाचक  संज्ञा कहा जाता है ।

   जैसे : तेल ,पानी ,सोना ,घी, चांदी 

  उदाहरण

१. रोटी पर "घी "लगा दो ।

२.  राम ने "दूध" पिया ।

३.रमेश" सोने" की खान में काम करता  है ।

४.बाल्टी में" पानी "रखा है ।

व्यक्तिवाचक संज्ञा : जिन शब्दों से किसी  "विशेष व्यक्ति, विशेष वस्तु ,या  किसी विशेष स्थान," का बोध होता है, उन्हें व्यक्तिवाचक संज्ञा कहा जाता है  ।

  जैसे 

 व्यक्ति का नाम "= राम, सरि,शीला, करिश्मा          "वस्तु का नाम  "= मेज, कुर्सी, कंबल,पेंसिल           " स्थान का नाम"= गोवा ,महाराष्ट्र, दिल्ली,आगरा     "दिशाओं का नाम   "= पूरब, पश्चिम,उत्तर,दक्षिण                                       

उदाहरण : १.वह" आगरा" में रहता है ।

               २."महात्मा गांधी" ने देश की  आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

                ३. सूरज" पूरब" से उगता है  ।

                ४. वह" कुर्सी "पर बैठा है। 

"भाववाचक संज्ञा ": जिन शब्दों से किसी के  गुण, दोष, दशा,दिशा,स्वभाव ,भाव इत्यादि का बोध होता है उन्हें "भाववाचक संज्ञा " कहते हैं ।

               अर्थात  

" जिन शब्दों से किसी वस्तु पदार्थ  या  प्राणी  की दशा दिशा भाव का पता चलता हो वहां भाववाचक संज्ञा होगी "।

  जैसे :  गर्मी, सर्दी ,मिठास, खटास, हरियाली, सुख 

 उदाहरण : १ . "उत्साह" मन का भाव है ।

२. "ईमानदारी "मनुष्य का सबसे अच्छा गुण है ।

३. "बचपन "जीवन की सबसे खूबसूरत अवस्था है ।  

४. "बुढ़ापे" में इंसान बिल्कुल बच्चा बन जाता है।


                    

 " समूह वाचक संज्ञा ": जिन संज्ञा शब्दों से किसी"   एक ही वस्तु ,के समूह या एक ही वर्ग, या एक ही जाति समुदाय, का बोध होता है ;उसे समूह       वाचक संज्ञा कहा जाता है ।

 जैसे : कक्षा, भीड़, झुंड , गुच्छा ,सेना

 उदाहरण : १. राम की "कक्षा" में 60 विद्यार्थी हैं

                २.रमेश भारतीय सेवा में कार्यरत है 

                 ३. वहां इतनी" भीड़ "क्यों है ?

                  ४. अंगूर का "गुच्छा "ले आओ ।

    "संज्ञा की पहचान 

   १. प्राणी वाचक  :  जो शब्द किसी प्राणी विशेष                                   के बारे में  बोध कराते  है ।

      जैसे  : लड़का, कबूतर ,रमेश 

      उदाहरण : १. "कबूतर "वृक्ष पर बैठा है ।

                     २. " रमेश"  कल आएगा ।

   २.अप्राणी वाचक   :  जो प्राणी नहीं अपितु              किसी  वस्तु  का बोध कराते है।

    जैसे : पुस्तक ,घर,  कंकर 

    उदाहरण : १. वह मेरी" पुस्तक" है ।

                    २.  वह तुम्हारा" घर "है।

   ३. गणिनीय  : जिनकी गणना अर्थात गिनती की           जा  सकती है ।

    जैसे :  अमरूद, युवक, कलम 

   उदाहरण : १. "एक दर्जन केले "ले आओ ।

                   २.  यह मेरी" कलम "है ।

 ४.आगणनीय  : जिनकी गणना ना की जा सके                                 अर्थात  जिन्हें  िगना ना जा सके।

   जैसे : दूध ,हवा, प्रेम 

   उदाहरण : १. 1 लीटर "दूध "घर में है ।

                   २. आज "हवा "चल रही है ।


 कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स 

कभी-कभी ऐसा होता है कि किसी वाक्य में कोई शब्द संज्ञा के एक भेद को दर्शाता है, जबकि अन्य किसी वाक्य में वही शब्द संज्ञा के दूसरे भेद को दर्शाता है।

जैसे:-

देश का प्रत्येक परिवार खुशहाल है। इस वाक्य में यदि हम “परिवार” की संज्ञा देखें तो, समूहवाचक संज्ञा होनी चाहिए क्योंकि “परिवार” शब्द समूह का बोध करवाता है, लेकिन यहाँ “परिवार” जातिवाचक संज्ञा को दर्शाता है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस वाक्य में “परिवार” शब्द संपूर्ण देश के परिवारों को दर्शाता है। 

अतः किसी शब्द की संज्ञा का निर्धारण करते समय हमें उस शब्द के वाक्य में प्रयोग पर ध्यान देना होगा। हमें यह देखना होगा कि शब्द वाक्य में क्या दर्शा रहा है, न कि परिभाषाएं रट कर किसी शब्द की संज्ञा का निर्धारण करना है।

जब किसी एक ही नाम के अनेक व्यक्तियों का बोध करवाया जाता है तो, वहां व्यक्तिवाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा में बदल जाती है।

  "अभ्यास प्रश्न "

 "बुढ़ापा" किसी को अच्छा नहीं लगता। 

    भाववाचक   संज्ञा                                                           

वह" मोटरसाइकिल" चला रहा है   

     जातिवाचक संज्ञा 

  "चांदी" के आभूषण बनवा     

      द्रव्य वाचक संज्ञा 

"दिल्ली "हमारी राजधानी है                                        व्यक्तिवाचक संज्ञा 

आज बहुत " गर्मी" है ।                                              भाववाचक संज्ञा 

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